- महाकाल मंदिर के अन्नक्षेत्र में अब मिलेगा दक्षिण भारतीय प्रसाद, श्रद्धालुओं के लिए शुरू हुई विशेष सात्विक भोजन व्यवस्था
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 29-07-2026
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 28-07-2026
- महाकाल मंदिर पहुंचे फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, भस्म आरती में शामिल होकर किया पूजन-अभिषेक
- सावन में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए काल भैरव मंदिर को ₹10 लाख के बैरिकेड्स भेंट, उज्जैन पहुंची पहली खेप
जिला अस्पताल के डॉक्टर और कम्पाउंडर की नहीं बनी एंटीबाॅडी
सीरो सर्वे में किए गए टेस्ट में जिला अस्पताल के डॉक्टर व कम्पाउंडर सहित करीब 24 लोगों की एंटीबॉडी नहीं बनना पाई गई है फिर भी जिले में 70 प्रतिशत लोगों में एंटी बॉडी पाई गई है। यानी इतने प्रतिशत लोग कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते रहेंगे तो वे कोरोना संक्रमण से सुरक्षित रहेंगे। उज्जैन में लोगों में एंटीबॉडी पता करने के लिए 29 जून को भारतीय अनुसंधान की 11 सदस्यीय टीम जबलपुर से आई थी, जिसने जिला अस्पताल के करीब 100 कर्मचारियों के सैंपल लिए थे।
इनके अलावा अन्य स्थानों पर जाकर भी करीब 306 सैंपल लिए थे। इस तरह से कुल 406 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जिसकी रिपोर्ट आ गई है। जिसमें 286 लोगों में एंटीबॉडी पाई गई जिनका प्रतिशत 70.4 रहा है। जिले में कोरोना के संक्रमण को आधार बनाकर यह सैंपलिंग की गई थी। जिसमें जांच की गई कि जिले में एंटी बॉडी का प्रतिशत कितना है। साथ ही यह भी जांच की गई कि कौन से ब्लड ग्रुप में एंटी बॉडी बन रही, किसमें नहीं। सैंपल लेकर चेन्नई लैब में भेजे गए थे। जहां से रिपोर्ट आ गई है। इसमें जिले के लोगों में एंटी बॉडी का प्रतिशत 70.4 है।
इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। साथ ही जिला अस्पताल के कर्मचारियों और अस्पताल प्रशासन को दी गई है। कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. एचपी सोनानिया का कहना है कि एंडी बॉडी पाए जाने से लोग कोरोना से सुरक्षित रहेंगे, तीसरी लहर का 50 प्रतिशत आबादी पर सीधा असर नहीं होगा लेकिन कोविड प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। कोरोना वायरस किस तरह से म्यूटेंट करता है। डेल्टा या डेल्टा+3 तक रहता है तो परिणामों की स्थिति कुछ और होगी।